फीस बेशक जरूरी, पर न हो अभिभावकों का दोहन

चंदौली जिले में अभिभावक संघ ने शिक्षा में सुधार और अभिभावकों को मिले सम्मान अभियान की एक नई शुरुआत करते हुए नगर के ग्रामीण परिसीमन में स्थित प्रयाग इंटरनेशनल स्कूल कुराहना रोड में अभिभावक संघ और स्कूल प्रबंधन ने एक संयुक्त विचार संवाद का आयोजन किया।

जिसमें शिक्षा की प्राथमिकता और आर्थिक उगाही मुक्त शिक्षा के वातावरण पर खुली चर्चा हुई। इस चर्चा में अभिभावक संघ के पक्षकार चंद्र भूषण मिश्र “कौशिक” ने कहा –शिक्षा की पवित्रता व सबको शिक्षा सबको सम्मान तभी अर्जित हो सकती है जब आर्थिक लेनदेन वाली शिक्षा की बढ़त को नैतिक मापदंड से अनुशासित कर शिक्षा के स्तर और उसकी गुणवत्ता को बढ़ाया जाय व शिक्षा क्षेत्र में आ रहे ह्रास रोका जाए। अगर यह ह्रास निरंतर बढ़ता रहा तो शिक्षा महंगी और बजारकृत हो जायेगी।

कोरोना आपदा काल का जिक्र करते हुए व स्कूली प्रताड़ना से शिकार अभिभावकों का बात रखते हुए अभिभावक संघ की ओर से पक्षकार एवं सोशल ऐक्टिविस्ट सतनाम सिंह ने कहा-फीस बेशक जरूरी है परंतु इसकी आड़ में अभिभावक और छात्रों का आर्थिक दोहन मानवता के बिलकुल खिलाफ है स्कूलों को अपनी शैक्षणिक नैतिकता बचाए रखने की जरूरत है। व्यापारी दुकान और स्कूल में फर्क कायम रखना जरुरी हैं।

स्कूल का पक्ष रखते हुए स्कूल के प्रबंधक ने कहा समाज में बढ़ते बुराइयों और भ्रष्टाचार का असर स्कूली शिक्षा पर भी पड़ रहा है यह चिंतनीय है इसके सुधार में स्कूल और अभिभावकों की सहभागिता जरूरी है।

स्कूल व स्कूल कर्मचारियों का पक्ष रखते हुए स्कूल के प्रिंसिपल आरपी सिंह ने कहा शिक्षक और स्कूल के कर्मचारियों के साथ-साथ स्कूल की प्रबंधकीय व्यवस्था में अभिभावकों का सहयोग जरुरी हैं । शिक्षा को उन्नत बनाने के लिए आधुनिक आधार जरुरी हैं पर अभिभावकीय उपेक्षा रोकते हुए अभिभावक के जागरूकता का सकारात्मक उपयोग होना चाहिए ।

इस संगोष्ठी में अमित महलका ,कुलविंदर ,सैफ, प्रवीण यादव, प्रकाश चौरसिया ऋषि, महेश, अखिलेश अन्य उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम का संचालन सरदार देवेंद्र सिंह ने किया ।