शहीद धर्मदेव के माता-पिता की मांग, सरकार को देना चाहिए बेटे को उचित सम्मान

छत्तीसगढ़ के बीजपुर जिले में देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए चन्दौली जिला के ठेकहाँ गाँव के धर्मदेव गुप्ता के घर रविवार की रात से ही आस-पास के गाँव के लोगों का जमावड़ा लगा हुआ है। रात भर पूरा गांव जागता रहा। वहीं मां और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। पति के शहीद होने के बाद गर्भवती पत्नी को अब बच्चों की चिंता खाये जा रही है। रो-रोकर अपने बच्चों के भविष्य को लेकर गुहार लगा रही है। पति की बातें याद कर रोते-रोते ही कह रही हैं कि बच्चियों को डाक्टर बनाना चाहते थे। वहीं माता-पिता का हाल बेहाल है उनको कुछ नहीं सूझ रहा है वो सरकार से शहीद बेटे को उचित सम्मान की मांग कर रहे हैं।

रविवार की शाम जैसे ही सूचना मिली कि ठेकहाँ गाँव के कोबरा सीआरपीएफ का जवान धर्मदेव शहीद हो गया है। तो जवान के घर के पास लोग इकट्ठा हो गए। देर शाम तक जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक सहित काफी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। घर के किसी सदस्य को कुछ पता नहीं था शहीद के भाई को सिर्फ बताया गया था लेकिन सोमवार को सुबह सभी सदस्य को पता चल गया कि धर्मदेव देश की रक्षा करते-करते शहीद हो गया है । तो परिवार के लोग बेसुध हो गए। उनके साथ-साथ वहां मौजूद सभी की आंखे डबडबा गयीं।

शहीद की पत्नी मीना देवी बार-बार रोते-रोते बेहोश हो जा रही हैं । तो मां कृष्णावती देवी को किसी तरह आस-पास की महिलाएं संभालती रहीं। मां को इस तरह रोते देख शहीद की बेटी ज्योति 8 वर्ष और साक्षी 5 वर्ष भी बिलख जा रहे हैं और एकटक मौजूद भीड़ को देख रहे हैं।

वहीं एक किनारे बिलखते भाई आनंद को उनके दोस्त किसी तरह सांत्वना देने और चुप कराने में लगे रहे। अब पूरे गांव को अपने लाल को एक नजर देखने का इंतजार है। गांव के वीर योद्धा के इस तरह शहीद होने से युवाओं में नक्सलियों को लेकर आक्रोश है। लोगों ने सरकार से सख्त रुख अपनाने हुए नक्सलियों से बदला लेने की मांग की है। शहीद धर्मदेव के दोस्तों के अनुसार वो बहुत ही मिलनसार थे।

धर्मदेव गांव आते थे तो युवाओं को सेना में भर्ती के लिए प्रेरित करते थे। जिन युवाओं के पास पैसे की कमी होती थी उन्हें अपने पास से पैसा देकर देकर भर्ती फॉर्म भरवाते थे।शहीद का पार्थिव शरीर उच्चाधिकारियों के अनुसार मंगलवार को सुबह गाँव में आने की संभावना है। पूरा क्षेत्र ठेकहाँ के लाल को देखने के लिए बेताब है