चंदौली जिले में भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन का दावा खोखला होता नजर आ रहा है। चंदौली जिले के एसपी संतोष कुमार सिंह ने चुनाव आचार संहिता के दौरान छापेमारी करते हुए जिस दरोगा जी को लाइन हाजिर किया था। छापेमारी करते हुए जिस दरोगा जी को लाइन हाजिर किया था, उसे दरोगा जी को एसपी साहब ने आचार संहिता खत्म होते ही उसी थाना क्षेत्र के एक पुलिस चौकी का प्रभारी बना दिया है।

दरोगा जी के ऊपर अवैध वसूली का आरोप लगा और उसकी जांच अभी चल ही रही थी। अभी तक लोगों को यह भी नहीं पता चला था कि इस वसूली का रैकेट कहां तक फैला था और इसमें कौन-कौन शामिल थे। इस खुलासे को पूरा करने के पहले ही दरोगा जी को तैनाती देकर एक नया संदेश देने की कोशिश की गई है।

आपको पता होगा कि बलुआ थाना क्षेत्र में अवैध रूप से ट्रकों से वसूली करने का मामला खुद पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ने उजागर किया था और वहां पर पकड़े गए रमेश प्रताप सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया था।

अब जिले में चर्चा हो रही है कि किसी बड़े जुगाड़ या बड़ी पैरवी से ही दरोगा जी को फिर से तैनाती मिल गई है। अब भी अब जनता यह जानना चाहती है वह कौन संरक्षक है, जो दरोगा जी की मदद कर रहा है और वसूली के कारोबार में लिप्त लोगों को शह दे रहा है।