रेलवे सुरक्षा बल ने मुगलसराय मंडल में टिकट दलालों पर नकेल कसने के लिए थंडर आपरेशन चलाया। सीबीआइ के साथ आरपीएफ ने मंडल में एक साथ कई टिकटिग की दुकानों को खंगाला। कंप्यूटर, मोबाइल, लैपटाप आदि की गहनता से जांच पड़ताल की। गया व डेहरी से तीन दलालों को हिरासत में लिया गया। हालांकि जंक्शन के आसपास के दुकानों से कोई गड़बड़ी नहीं मिली। छापेमारी को देखकर अवैध टिकट कारोबारियों में हड़कंप की स्थिति हो गई।

निरीक्षक प्रभारी डीडीयू पोस्ट बीएन मिश्र प्रधान आरक्षी योगेंद्र बहादुर सिंह, सहायक उपनिरीक्षक राजेश चंद्र, सहायक उपनिरीक्षक श्रीकांत शर्मा और तृतीय बटालियन लखनऊ बलकर्मी के साथ डीडीयू जंक्शन के सामने स्थित टूर एंड ट्रैवल एजेंसी पर छापेमारी की। उधर उप निरीक्षक कन्हैया लाल सिंह ने प्रधान आरक्षी पवन कुमार, आरक्षी सदानंद, आरक्षी अनिल कुमार राय और आरक्षी सीडी उपाध्याय व प्रधान आरक्षी अरविद कुमार के साथ वीआईपी गेट स्थित एक अन्य एजेंसी पर जांच पड़ताल की।

वहीं उप निरीक्षक बाल गंगाधर सहायक उपनिरीक्षक दिनेश चौधरी, प्रधान आरक्षी गंगासागर तिवारी, आरक्षी सुनील कुमार सिंह, आरक्षी इमरान अहमद, आरक्षी दुर्गेश आनंद, आरक्षी अजीत चौधरी के साथ साइबर कैफे ई- टिकटिग दुकान जांच पड़ताल की। सभी दुकानों के कंप्यूटर, मोबाइल, लैपटाप को खंगाला गया। सभी दस्तावेज को चेक किए गए और उनके रिकार्ड रजिस्टर को देखा। अवैध आरक्षण टिकट बनाने के संबंधित किसी प्रकार का कोई सबूत नहीं मिला और न ही कोई अनियमितता पाई गई। हालांकि ई टिकटिग दुकानों पर नजर बनाए रखने के लिए खास मुखबिर को लगाया गया है।

गया व डेहरी से तीन गिरफ्तार

गया के लक्ष्मण सहाय लेन, स्टेशन में चले अभियान में दो टिकट दलाल अमित कुमार व निधि प्रसाद को गिरफ्तार किया। जांच में कंप्यूटर की जांच करने पर 752 रेल टिकट बनाया हुआ पाया जिसकी कीमत लगभग 19 लाख 8 हजार 89 रुपये थे। वहीं डेहरी में एक दलाल संतोष कुमार को गिरफ्तार किया। 4 हजार 785 रुपये के तत्काल आरक्षित टिकट मिला जो तीन व्यक्तियों का था। तीनों दलालों पर 143 के तहत कार्रवाई की गई।

जांच से पहले ही डाटा कर दिए डिलीट आरपीएफ ने थंडर आपरेशन चलाने से पूर्व गोपनीयता बरती थी। अभियान में नगर के किसी भी ई-टिकटिग दुकानों से कोई गड़बड़ी न मिलना, यह चर्चा का विषय रहा। अधिकारियों के पहुंचने से पहले ही कंप्यूटर, लैपटाप व मोबाइल से सभी अभिलेखों को डिलीट कर दिया गया था। यहां तक की रिसाइकिल भी साफ था। तीनों ई-टिकटिग दुकानों के कंप्यूटर से एक साथ सारे रिकार्ड डिलीट करना यक्ष प्रश्न बन गया है। सूत्रों की मानें तो दुकानदारों को पहले ही इस अभियान की भनक लग चुकी थी।

RPF के पोस्ट प्रभारी बीएन मिश्र बोले

गर्मी में भीड़भाड़ देखते हुए रेल टिकट के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए अभियान चलाया गया। ताकि यात्रियों को सुगमता से टिकट प्राप्त हो सके। अभियान आगे भी जारी रहेगा।