MLC के चुनाव में वोट देने वालों के लिए खास जानकारी, नहीं तो रद्द हो जाएगा वोट

 चंदौली जिले में खंड स्नातक और शिक्षक एमएलसी चुनाव के दौरान मतदान कर्मिक पूरी निष्ठा के साथ दायित्व का निर्वहन करेंगे। बगैर परिचय पत्र देखे किसी भी मतदाता को वोट डालने की अनुमति नहीं होगी। अगर चुनाव के दौरान किसी प्रकार की चूक हुई तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। 

सीडीओ डा. एके श्रीवास्तव केवीके में मतदान कार्मिकों को कार्यशाला में प्रशिक्षण के दौरान संबोधित कर कहा कि आयोग के मानकों के अनुसार चुनाव कराना बहुत महत्वपूर्ण कार्य होता है। ऐसे में मतदान कार्मिक सही ढंग से अपनी जिम्मेदारियां और कार्यों को जान लें। मतदान में किसी तरह की चूक नहीं होनी चाहिए।

जिला विकास अधिकारी पद्मकांत शुक्ला ने कहा कि बैगनी रंग के स्केच पेन से ही मतदाताओं को मतपत्र पर अंकों में अधिमान अंकित करना होगा। दूसरे रंग के स्केच पेन से अधिमान अंकित किए तो मत पत्र रद्द हो जाएगा। एक मतदाता सभी प्रत्याशियों को वरीयता के आधार पर मत दे सकता है। लेकिन एक ही प्रत्याशी को एक से अधिक वरीयता के मत नहीं दिए जा सकते हैं। अधिमान अंकों में अंकित करना होगा, तभी मान्य होगा। यदि शब्दों में अधिमान अंकित कर दिया, तो मत मान्य नहीं होगा। 

बैगनी रंग का स्केच पेन अनिवार्य

बताया कि बैगनी रंग का स्केच पेन निर्वाचन आयोग की ओर से उपलब्ध कराया जाएगा। यदि कोई चाहे तो खुद के स्केच पेन का इस्तेमाल नहीं कर सकता है। हस्ताक्षर नमूना से मिलान करने के बाद परिचय पत्र देखकर ही मतदाताओं को बूथों के अंदर प्रवेश की अनुमित प्रदान करें। इसके बाद मतदाताओं को मतपत्र जारी किया जाएगा। प्रत्येक पोलिंग पार्टी में पीठासीन अधिकारी के साथ तीन कार्मिक रहेंगे। प्रथम मतदान अधिकारी को मतदाता सूची व मतदाताओं की पहचान करने का दायित्व सौंपा गया है। जबकि द्वितीय मतदान अधिकारी अमिट स्याही लगाएगा और मत पत्र जारी करेगा। तृतीय मतदान अधिकारी मतपेटिका में मत पत्र डालेगा और मतदाता से स्केच पेन लेकर सुरक्षित रखेगा। पीठासीन अधिकारी मतदान की पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेगा।

140 मतदान कार्मिकों की ड्यूटी 

शिक्षक व स्नातक एमएलसी चुनाव के लिए जिले में 140 मतदान कार्मिकों की ड्यूटी लगाई गई है। जबकि 20 फीसद कार्मिकों को रिजर्ब में रखा गया है। जरूरत के वक्त उन्हें बूथों पर भेजा जा सकता है। इसके अलावा निष्पक्ष चुनाव के लिए प्रत्येक बूथ पर माइक्रो आब्जर्वर तैनात किए  जाएंगे। वहीं सेक्टर व स्टैटिक मजिस्ट्रेट भी निगरानी करेंगे। तहसील स्तर पर जोन मजिस्ट्रेट को भी लगाया गया है।