पंचायत चुनाव को लेकर DGP के आदेश पर लोकल पुलिस कर रही है ये काम, दर्ज हो रहा है रजिस्टर में नाम

उत्तर प्रदेश में अभी पंचायत चुनाव का ऐलान भले ना हुआ हो लेकिन यूपी के डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने सभी अधिकारियों को इसके लिए तैयार एक्शन प्लान पर काम करने का आदेश दे दिया है, डीजीपी ने निर्देश दिए हैं कि पहले से ही हर गांव की संवेदनशीलता आंकते हुए पूरी तैयारी करें, इसके लिए अराजक तत्वों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई करें।

यही नहीं डीजीपी ने 2010 और 2015 में हुए पंचायत चुनाव के दौरान मारपीट और हिंसक घटनाओं का ब्यौरा तैयार रखने को भी कहा है, जिससे यह पता चल चके कि पहले कहां-कहां झगड़े हुए थे, निर्देश देते हुए कहा कि जिलों में उपलब्ध पुलिस बल का सही प्रबंधन और अन्य व्यवस्थाएं भी पहले से करनी होगी।

डीजीपी ने बताया कि चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर सभी पुलिस कप्तानों को निर्देश भेजे जा चुके हैं। निर्देश में सभी थानों पर बीटवार ग्राम, मोहल्ले के हिसाब से चुनाव और भूमि विवाद रजिस्टर बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

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रजिस्टर में तमाम जानकारियों के साथ गांवों के ऐसे विवाद जिसे लेकर चुनाव में मुद्दा बन सकता है, इसका भी विवरण दर्ज करने के लिए कहा गया है। पंचायत चुनाव में संभावित प्रत्याशियों का नाम, पता और उनका पूर्व आपराधिक इतिहास का विवरण भी दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही निर्देश दिए गए हैं, जिन मामलों में आपसी समझौता नहीं हो पा रहा है, उन मामलों में निरोधात्मक कार्रवाई करें और जमीन से संबंधित विवादों में राजस्व विभाग से मिलकर मामलों का निपटारा कराया जाए।

डीजीपी के अनुसार थाने स्तर पर बनाए जा रहे रजिस्टर में संबंधित गांवों के सभी तरह के विवादों को दर्ज करना होगा। थानाध्यक्षों को इसका प्रमाण पत्र भी जिले के पुलिस कप्तान के पास भेजना है। पुलिस की लापरवाही से पुरानी रंजिश में कोई हत्या, बलवा या कोई और घटना होती है तो इसकी सीधी जिम्मेदारी थाना प्रभारी की होगी और उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

यूपी डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी का कहना है कि पंचायत चुनाव की तारीखों का ऐलान अभी भले ही न हुआ हो, लेकिन तैयारी शुरू कर दी गई।