चंदौली जिले में ओवरलोड वाहनों से अवैध वसूली का खेल सुनिए वायरल वीडियो

जिले में ओवरलोड वाहनों से अवैध वसूली इस कदर बढ़ गई है कि वाहन स्वामी कराह रहे है। जनपद की निरंकुश पुलिस ओवर लोड वाहनों से मनमाना वसूली कर रही है। जिसका जीता जागता प्रमाण वाहन स्वामी का वायरल हुआ आडियो बता रहा है। भाजपा की योगी सरकार जहां स्वच्छ प्रशासन एवं भ्रष्टाचार मुक्त की दुहाई दे रही है वहीं चन्दौली में आए दिन पुलिस विभाग के भ्रष्टाचार उजागर हो रहे हैं । सबसे बड़ी बात है कि खुलेआम अवैध वसूली हो रही है और ओवरलोड वाहन जा रहे हैं लेकिन पुलिस प्रशासन को सरकार का कोई भी भय नहीं है।


आप मोटर मालिक के ऑडियो में सुन सकते हैं कि कैसे अलीनगर थाना,टीआई एवं सीओ के साथ सकलडीहा और बलुआ में भी वसूली की जा रही है । पुलिस वाले अपनी जेब भरने के लिए जनप्रतिनिधियों को भी नहीं छोड़ रहे हैं वाहन स्वामी ऑडियो में सीधा-सीधा बता रहा हैं कि बलुआ थाने का कार्यखास आदित्य सिंह वाहन स्वामियों पर धौश जमाने के लिए जनपद के एक विधायक का भी नाम लेता है। जिसकी शिकायत के बाद बलुआ थाने से हटा कर चौकी पर भेज दिया गया,उसके बाद भी वसूली का कार्य कर रहा है। वाहन स्वामी ने बताया कि अलीनगर में थानाध्यक्ष और ट्रैफिक इंस्पेक्टर तथा सीओ के नाम पर 15 सौ से 35 सौ रुपये की वसूली की जाती है। जबकि सकलडीहा थाने में भी कार्य खास द्वारा प्रति गाड़ी 500 प्रति लिया जाता है वही बलुआ थाने की पुलिस 35 सौ और मारुखपुर चौकी पर 7 सौ रुपया लिया जाता है।

वाहन स्वामी ने बताया कि पैसा नहीं देने पर बलुआ थाने के कार्यखास और थाना प्रभारी द्वारा गाड़ी को खड़ा करा कर कार्यवाही का धौंस दिखाकर 25 ,25 हजार वसूला गया है। लगभग एक दर्जन गाड़ियों से 25000 लेने के बाद दूसरे दिन गाड़ियों को छोड़ा गया । इस तरह की कार्यवाही आए दिन अलीनगर से बलुआ थाना तक की जाती है। इन ओवरलोड वाहनों के चलते जहां पुलिस प्रशासन अवैध वसूली कर रहा है वहीं राहगीरों की जान के साथ भी खिलवाड़ किया जा रहा है। आए दिन इन वाहनों से लोगों को जान गंवानी पड़ रही है और सड़क की हालत दिनों-दिन बत्तर होती जा रही है ।


हालांकि इस संबंध में पुलिस विभाग के अधिकारियों से बात करने की कोशिश की गई लेकिन जांच के नाम पर पूरे मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। बलुआ थाने में गोकशी की गाड़ी से तस्कर के भागने के नाम पर जांच की बात कही गई लेकिन आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई । पुलिस के इस कारनामे से जनता का विश्वास सरकार से धीरे-धीरे उठ रहा है।