जाम हो या ओवरलोड चले DM-SP से क्या मतलब, मंत्री-विधायक खुश रहें बस..।

चंदौली जिले का जिला प्रशासन भले ही लाख दावा करे कि ओवरलोड रोकने के प्रयास जारी हैं, पर यह बात केवल दिखावटी व जनता को बेवकूफ बनाने जैसी है। जिले के किसी इलाके में ओवर लोड वाहनों का आवागमन नहीं रूक सकता है। शनिवार को सकलडीहा चहनिया मार्ग पर पपौरा गांव के समीप ओवरलोड गाड़ी के धस जाने से भारी वाहनों की हर मार्ग पर लम्बी कतार लग गयी। सुबह से लेकर शाम तक वाहनों की कतार के कारण राहगीरों को काफी समस्या झेलनी पड़ी।

इसके बाद भी विभागीय अधिकारी सड़कों की मरम्मत तो दूर वाहनों पर रोक लगा पाने में अक्षम साबित हो रहे है। जिसे लेकर लोगों में आक्रोश पनपने लगा है। सत्ताधारी दल के नेता भी जनता की समस्या से ज्यादा ध्यान एमएलसी की सीट पर लगाए हुए हैं।

ओवरलोड वाहनों के आवागमन के कारण सकलडीहा से सैदपुर मार्ग पूरी तरह जगह जगह गड्ढे में तब्दील हो गया है। प्रभारी मंत्री से लेकर कैबिनेट मंत्री व केन्द्रीय मंत्री व सांसद के सख्त निर्देश के बाद भी जिला प्रशासन वाहनों पर रोक लगाने में असफल रहा है।

यही नहीं पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी गहरी निद्रा से जाग नहीं रहे हैं। जिसके कारण जगह जगह ओवरलोड वाहनों के धस जाने से सुबह से शाम सकलडीहा कमालपुर, चहनिया, अलीनगर मार्ग पर वाहनों की लम्बी कतारें लग जा रही हैं।

यही नहीं बलुआ पुल पर सरिया भी दिखायी देने लगा है। इसके बाद भी डीएम-एसपी की चुप्पी से लोग घंटों जाम की झाम में फसकर कराह रहे हैं।

लोग कहने लगे हैं कि यहां के नेताओं की चापलूसी में लगे अफसरों को जनता की समस्या से कोई लेना देना नहीं है। वह जाम या ओवरलोड की समस्या से चिंतित नहीं है। उनकी चिंता बस यह रहती है कि सत्ताधारी दल के नेता, विधायक व प्रभारी मंत्री खुश रहें और किसी की जरूरत नहीं।

इस बाबत सीओ भवनेश चिकारा ने बताया कि ट्रकों के गड्ढे में फस जाने के कारण जाम की स्थिति हो गयी है। कुछ ट्रकों को दूसरे रोड पर खड़ा करा दिया गया है।